बुधवार, 20 जुलाई 2016

हिम्मत नहीं कर पाते

वे
वारदात करते हैं
हम
वक्तव्य देते हैं ।
वे
हमारे घर में घुस कर
सिर काट ले जाते हैं
हम
इसकी कड़ी निन्दा करते हैं ।
वे
माहिर हैं
हमें गोलियों से भून देने में । 
हम
माहिर हैं
मुँह तोड़ ज़वाब देने में । 

हमें
बड़ा नाज़ है
कि हम बन्द कर देते हैं उनकी बोली
उन्हें
बड़ा नाज़ है
कि वे नहीं छोड़ते हमें बोलने के लायक भी  
कर देते हैं ख़ामोश
हमेशा के लिये ।
हम
शांति की अपील में विश्वास रखते हैं
वे
शांति से बलात्कार करने में यक़ीन रखते हैं ।
वे
भारत के शहरों में
फहराते हैं अपने झण्डे
हम
हिम्मत नहीं कर पाते
उन्हें पकड़ने की ।
वे
करते हैं भारत में शरीयत की बातें
हम
नहीं कर पाते
कश्मीरी पण्डितों के अधिकार की बातें ।      
सच !
हमारा देश महान है
हमारी महानता बेशुमार है

और भारत की आत्मा बेहद शर्मसार है ।  

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